प्रति
Shreya
Udaipur · 2015
तड़प
हमने उस झील में नाव की सवारी की थी जिसके बीच में सफ़ेद महल पानी पर तैरता हुआ लगता है।
श्रेया, तुमने नाव पर बैठे-बैठे अपना दुपट्टा पानी में डुबो दिया था और नाविक ने डाँटा था।
इस ख़त का बाक़ी हिस्सा मुहरबंद है।
ख़त ढूँढा जा रहा है…
प्रति
Udaipur · 2015
तड़प
हमने उस झील में नाव की सवारी की थी जिसके बीच में सफ़ेद महल पानी पर तैरता हुआ लगता है।
श्रेया, तुमने नाव पर बैठे-बैठे अपना दुपट्टा पानी में डुबो दिया था और नाविक ने डाँटा था।
इस ख़त का बाक़ी हिस्सा मुहरबंद है।
अभी तक किसी ने इसे खोलने की कोशिश नहीं की।