प्रति
Aman
Kanpur · 2003
याद
छत पर हम दोनों ने एक आवारा पिल्ले को पाला था, और उसका एक नाम रखा था जो सिर्फ़ हम जानते थे।
अमन भैया, उस पिल्ले की तस्वीर मुझे माँ की पुरानी डायरी में मिली।
इस ख़त का बाक़ी हिस्सा मुहरबंद है।
ख़त ढूँढा जा रहा है…
प्रति
Kanpur · 2003
याद
छत पर हम दोनों ने एक आवारा पिल्ले को पाला था, और उसका एक नाम रखा था जो सिर्फ़ हम जानते थे।
अमन भैया, उस पिल्ले की तस्वीर मुझे माँ की पुरानी डायरी में मिली।
इस ख़त का बाक़ी हिस्सा मुहरबंद है।
अभी तक किसी ने इसे खोलने की कोशिश नहीं की।