Para kay
Sunita
Patna · 2018
Pag-ibig
Nabuksan na
हर सर्दी तुम आँगन में उपलों की आग पर वह सत्तू भरी, गोल, सिकी हुई चीज़ बनाती थीं जो बिहार की पहचान है।
माँ, आज मैंने पहली बार अपने बच्चों के लिए आँगन में आग जलाई, और धुएँ से मेरी आँखें भर आईं।
Selyado pa ang natitirang bahagi ng liham na ito.