Para
Ankit
Varanasi · 2013
Amistad
घाट की सीढ़ियों पर बैठकर हम उस नदी में दीये बहाते थे जिसे पूरा शहर माँ कहता है।
अंकित, मैंने इस बार भी तुम्हारे नाम का दीया बहाया।
El resto de esta carta está sellado.
Buscando la carta…
Para
Varanasi · 2013
Amistad
घाट की सीढ़ियों पर बैठकर हम उस नदी में दीये बहाते थे जिसे पूरा शहर माँ कहता है।
अंकित, मैंने इस बार भी तुम्हारे नाम का दीया बहाया।
El resto de esta carta está sellado.
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